भा.कृ.अनु.प.- कें.क.प्रौ.अनु.सं., मुंबई एवं आशीर्वाद, साहित्यिक- सांस्कृतिक-सामाजिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में 33वाँ आशीर्वाद भाषा-सेतु पुरस्कार
भा.कृ.अनु.प.- केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थानसंस्थान., मुंबई एवं आशीर्वाद, साहित्यिक- सांस्कृतिक-सामाजिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में 33वाँ आशीर्वाद भाषा-सेतु पुरस्कार, 2026 संस्थान के ज्युबिली हॉल में भव्य एवं शालीन परिवेश में दिनांक 24 फरवरी, 2026 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय अतिथियों के आगमन, वंदे मातरम् एवं आयसीएआर गीत तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। संस्थान के निदेशक डॉ. एस.के. शुक्ल ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया । कार्यक्रम का आरंभ संस्थान की गतिविधियां पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित कर किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मंत्री अॅड. श्री आशिष शेलार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य, महाराष्ट्र सरकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथि श्री यशपाल शर्मा, प्रख्यात फिल्म एवं रंगमंच अभिनेता के साथ कई गणमान्य कवि. लेखक एवं फिल्म जगत के ख्याति प्राप्त कलाकार भी उपस्थित थे। उनकी उपस्थिति ने समारोह की शोभा में विशेष वृद्धि की।

समारोह में राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं राष्ट्रीयकृत बैंकों को सम्मानित किया गया। प्रमुख रूप से रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (नौसेना), पश्चिम रेलवे, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम, भारतीय जीवन बीमा निगम एवं भारत पेट्रोलियम सहित कई संस्थानों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में भाषा रत्न, भाषा श्री, प्रेरणा पुरस्कार, महिला प्रचारक पुरस्कार, श्रेष्ठ गृहपत्रिका पुरस्कार तथा श्रेष्ठ कॉर्पोरेट फिल्म पुरस्कार सहित विभिन्न श्रेणियों में सम्मान वितरित किए गए। डॉ. संतोष कुमार झा की पुस्तक “स्याही के सिपाही” को आशीर्वाद मौलिक साहित्यिक कृति पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. एस.के. शुक्ल को माननीय मंत्री अॅड. श्री आशिष शेलार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य, महाराष्ट्र सरकार के करकमलों द्वारा आशीर्वाद गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके नेतृत्व में संस्थान द्वारा हिंदी एवं राजभाषा के प्रभावी राजभाषा कार्यान्वयन की उल्लेखनीय प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।


समारोह में कुल 11 विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों एवं बैंकों के प्रतिनिधि, गणमान्य अतिथि, वैज्ञानिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रगान एवं समूह छायाचित्र के साथ हुआ। यह आयोजन संस्थान की राजभाषा प्रतिबद्धता एवं सांस्कृतिक समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध हुआ।
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Page last updated date:26-02-2026 10:56 AM
