भा.कृ.अनु.प. – केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (ICAR-CIRCOT), मुंबई ने प्राकृतिक खेती और मृदा स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए पुणे में 'खेत बचाओ अभियान' का आयोजन किया
भारत सरकार के महीने भर चलने वाले 'खेत बचाओ अभियान' (1-30 जून, 2026) के हिस्से के रूप में, भा.कृ.अनु.प. – केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई के वैज्ञानिकों के एक बहु-विषयक (multidisciplinary) दल ने टिकाऊ/सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए 4-5 जून तक पुणे जिले का दौरा किया। इस दल ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने में प्राकृतिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में किसानों और स्थानीय हितधारकों को जागरूक किया।
यह सत्र व्यावहारिक टिकाऊ तरीकों पर केंद्रित था, जिसमें स्थानीय जैव-इनपुट (bio-inputs) का उपयोग, फसल अवशेषों का प्रभावी प्रबंधन और जैविक पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण (organic nutrient recycling) शामिल था। बड़े पैमाने पर इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, वैज्ञानिकों ने प्रगतिशील किसानों, कृषि स्टार्टअप्स और किसान उत्पादक कंपनियों (FPCs) के साथ भी संवाद किया। यह अभियान किसानों को सशक्त बनाने और दीर्घकालिक मृदा उर्वरता को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान के दौरान लगभग 153 किसानों/हितधारकों को संवेदनशील (जागरूक) किया गया।
भा.कृ.अनु.प. – केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान के डॉ. ए.एस.एम. राजा, डॉ. एन. विग्नेश्वरण, डॉ. कृष्ण प्रसाद, श्री राजेश पी कदम और श्री उदय कोरे ने इस अभियान का आयोजन किया।







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पृष्ठ अंतिम अद्यतन तिथि:08-06-2026 04:51 PM
