
संस्थान में अनुसंधान परियोजनाओं का प्रमुख तकनीकी निगरानी तंत्र है। आईआरसी में संस्थान के निदेशक तथा सभी वैज्ञानिकगण सदस्य होते हैं। आईआरसी की बैठक, सामान्यतया साल में दो बार आयोजित की जाती है जहाँ संस्थान में चल रहे अनुसंधान परियोजनाओं का मूल्यांकन होती है। अर्ध वार्षिक आईआरसी, अप्रैल-सितंबर के दौरान अनुसंधान की प्रगति की समीक्षा करता है; वार्षिक आईआरसी जो अप्रैल से अगले मार्च तक की अवधि के लिए व्यक्तिगत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करता है।
संस्थान अनुसंधान परिषद के अधिकार और कार्यशेली