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भा.कृ.अनु.प.– केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान
ICAR - Central Institute for Research on Cotton Technology

रिफॉर्म उत्सव एवं हिंदी दिवस तथा हिंदी पखवाड़ा-2026 का प्रतिवेदन

Hindi Pakhwada

रिफॉर्म उत्सव एवं हिंदी दिवस तथा हिंदी पखवाड़ा-2026 का प्रतिवेदन

1. प्रस्तावना

        भा.कृ.अनु.प.- केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई में वर्ष 2026 के दौरान रिफॉर्म उत्सव एवं हिंदी दिवस तथा हिंदी पखवाड़ा-2026 का आयोजन हिंदी के प्रचार-प्रसार, राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया।

        हिंदी दिवस एवं हिंदी पखवाड़ा केवल कुछ दिनों तक चलने वाला कार्यक्रम न होकर संस्थान में हिंदी के प्रति सम्मान, प्रतिबद्धता एवं कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के निरंतर और सहज प्रयोग का अवसर रहा। इसी भावना के अनुरूप रिफॉर्म उत्सव एवं हिंदी पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत विभिन्न साहित्यिक, रचनात्मक, ज्ञानवर्धक एवं कार्यालयीन प्रकृति की प्रतियोगिताओं तथा गतिविधियों का आयोजन किया गया।

        इन कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में अपनी प्रतिभा एवं अभिव्यक्ति को प्रस्तुत करने का अवसर मिला तथा कार्यालयीन हिंदी के व्यावहारिक प्रयोग को भी प्रोत्साहन प्राप्त हुआ।

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2. आयोजन का उद्देश्य

रिफॉर्म उत्सव एवं हिंदी दिवस तथा हिंदी पखवाड़ा-2026 के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित रहे—

  1. संस्थान में राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना।
  2. कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक एवं सहज प्रयोग को प्रोत्साहित करना।
  3. अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी में अपनी रचनात्मक एवं साहित्यिक प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना।
  4. हिंदी में टिप्पण, प्रारूप लेखन एवं यूनिकोड टंकण जैसी कार्यालयीन दक्षताओं को बढ़ावा देना।
  5. हिंदी के प्रति सहभागिता एवं उत्साह को पूरे वर्ष बनाए रखने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना।
  6. राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना।
    • प्रशासनिक श्रेणी- प्रशासन-I अनुभाग

 

3. रिफॉर्म उत्सव एवं हिंदी पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताएँ एवं गतिविधियाँ-

        रिफॉर्म उत्सव एवं हिंदी पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत विभिन्न तिथियों में कुल 10 प्रतियोगिताओं/गतिविधियों का आयोजन किया गया जैसे कि- टिप्पण एवं प्रारूप लेखन प्रतियोगिता, शुद्ध लेखन/सुलेखन प्रतियोगिता, चित्र देखो, कहानी लिखो प्रतियोगिता, काव्य-पाठ प्रतियोगिता, अंताक्षरी प्रतियोगिता, आशुभाषण प्रतियोगिता, क्विज एवं चित्र पहचानो प्रतियोगिता, वर्ग पहेली प्रतियोगिता, पोस्टर प्रदर्शनी, यूनिकोड टंकण प्रतियोगिता। 

        उपरोक्त प्रतियोगिताओं में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वर्ग पहेली प्रतियोगिता में सर्वाधिक 48 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी साहित्यिक, भाषायी, रचनात्मक, वाक्-कौशल एवं तकनीकी दक्षताओं का प्रदर्शन किया।

        काव्य-पाठ के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी साहित्यिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जबकि आशुभाषण ने प्रतिभागियों के त्वरित चिंतन एवं प्रभावी मौखिक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान किया। अंताक्षरी ने प्रतिभागियों की स्मरणशक्ति एवं संगीत-रुचि को सामने रखा। चित्र देखो, कहानी लिखो तथा पोस्टर प्रदर्शनी ने रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया।

        इसी प्रकार टिप्पण एवं प्रारूप लेखन, शुद्ध लेखन/सुलेखन तथा यूनिकोड टंकण जैसी प्रतियोगिताओं का सीधा संबंध कार्यालयीन हिंदी के व्यावहारिक प्रयोग से रहा।

        इस प्रकार प्रतियोगिताओं की संरचना में साहित्य, मनोरंजन, रचनात्मकता, ज्ञान तथा कार्यालयीन कार्य—सभी पक्षों को समाहित किया गया।

 

4. प्रतिभागियों की सहभागिता

        आयोजन की प्रमुख विशेषता अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों ने हिंदी के प्रति अपनी रुचि एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

        किसी प्रतिभागी ने कविता के माध्यम से अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं, किसी ने आशुभाषण के माध्यम से वाक्-कौशल का परिचय दिया, किसी ने अंताक्षरी में अपनी स्मरणशक्ति एवं संगीत-प्रेम प्रदर्शित किया, तो किसी ने कहानी, पोस्टर एवं यूनिकोड टंकण के माध्यम से अपनी रचनात्मकता एवं तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया।

        इन गतिविधियों से यह संदेश सामने आया कि हिंदी केवल कार्यालयीन कार्य की भाषा नहीं, बल्कि संवाद, अभिव्यक्ति एवं रचनात्मकता का सशक्त माध्यम भी है।

 

5. हिंदी दिवस एवं पखवाड़ा-2026 का समापन समारोह

        रिफॉर्म उत्सव एवं हिंदी दिवस तथा हिंदी पखवाड़ा-2026 का समापन समारोह 30.09.2026 को अपराह्न 3.00 बजे जुबिली हॉल में आयोजित किया गया। समारोह में संस्थान के निदेशक डॉ. एस. के. शुक्ल, मुख्य अतिथि एवं सुप्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. मुकेश गौतम, हिंदी पखवाड़ा आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार यादव, संस्थान के अधिकारीगण, आयोजन समिति के सदस्य तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

        समारोह का सूत्र संचालन श्री सागर शर्मा, सहायक निदेशक (राजभाषा) द्वारा किया गया।

समापन समारोह में निम्नलिखित कार्यक्रम आयोजित किए गए—

समारोह का शुभारंभ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुआ। इसके पश्चात परिषद गीत प्रस्तुत किया गया, जिससे कार्यक्रम को संस्थागत एवं सामूहिक भावना के साथ आगे बढ़ाया गया।

        मुख्य अतिथि डॉ. मुकेश गौतम, हास्य कवि का संस्थान के निदेशक डॉ. एस. के. शुक्ल द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। भारत पवार, मुख्य तकनीकी अधिकारी एवं हिंदी पखवाड़ा आयोजन समिति के सदस्य द्वारा मुख्य अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया गया। उनके साहित्यिक योगदान, हास्य-काव्य के क्षेत्र में दीर्घ अनुभव तथा विभिन्न मंचों पर उनकी प्रस्तुतियों का उल्लेख किया गया।

        इसके पश्चात संस्थान के निदेशक डॉ. एस. के. शुक्ल ने स्वागतीय संबोधन दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्वागत किया गया तथा हिंदी दिवस एवं पखवाड़े के आयोजन के प्रति संस्थान की सहभागिता एवं उत्साह को अभिव्यक्त किया गया।

        डॉ. विनोद कुमार यादव, अध्यक्ष, हिंदी पखवाड़ा आयोजन समिति द्वारा हिंदी दिवस एवं पखवाड़ा-2026 का वृत्तांत प्रस्तुत किया गया तथा स्लाइड शो के माध्यम से पखवाड़े के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की झलकियाँ प्रस्तुत की गईं।

        इस अवसर पर श्री आनंद जाधव एवं श्री स्वप्निल द्वारा हास्य प्रस्तुतियाँ दी गईं। मुख्य अतिथि डॉ. मुकेश गौतम की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। हास्य-व्यंग्य प्रतियोगिता के माध्यम से गंभीर विषयों को सहज एवं मनोरंजक ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता को मंच मिला तथा कार्यक्रम का वातावरण और अधिक जीवंत हुआ।

        इसके पश्चात हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कारों की घोषणा एवं प्रमाण-पत्र वितरण किया गया। पुरस्कारों का वितरण श्री सागर शर्मा, सहायक निदेशक (राजभाषा) द्वारा कराया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही सभी प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना की गई। 

वर्षभर राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राजभाषा चल वैजयंती शील्ड प्रदान की गई।

  • वैज्ञानिक श्रेणी- रासायनिक एवं जैव रासायनिक प्रक्रिया विभाग (सी.बी.पी.डी.)

        इन दोनों को उनके संबंधित वर्ग में उत्कृष्ट राजभाषा कार्य के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय संबंधित अनुभाग एवं विभाग के सामूहिक प्रयासों को मान्यता प्रदान करता है।

        समारोह में “मूल काम-काज योजना पुरस्कार” के अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मूल रूप से हिंदी में कार्य करने के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। इस पुरस्कार योजना का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के मूल एवं प्रभावी प्रयोग को प्रोत्साहित करना रहा। 

        वर्ष 2026 में “राजभाषा सम्मान पुरस्कार” की नई श्रेणी भी प्रारंभ की गई। इन पुरस्कारों की घोषणा श्रीमती तृप्ति मोकल, प्रशासनिक अधिकारी द्वारा की गई। इस पुरस्कार से श्री भारत पवार, मुख्य तकनीकी अधिकारी तथा श्री एस. बैनर्जी, मुख्य तकनीकी अधिकारी को सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजभाषा के क्षेत्र में सहयोग, सक्रिय सहभागिता एवं सकारात्मक योगदान के लिए प्रदान किया गया।

        इस समारोह के दौरान श्रीमती प्राची म्हात्रे, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी को भी सम्मानित किया गया। उन्हे राजभाषा के क्षेत्र में अपने योगदान के आशीर्वाद संस्था द्वारा राजभाषा श्रेष्ठ महिला प्रचारक-2026 का भी पुरस्कार प्रदान किया गया है तो इस उपलक्ष्य में संस्थान द्वारा भी श्रीमती प्राची को सम्मानित किया गया। 

        समारोह के विशेष आकर्षण के रूप में मुख्य अतिथि डॉ. मुकेश गौतम ने अपना संबोधन एवं हास्य-स्टैंड-अप एक्ट प्रस्तुत किया। डॉ. गौतम लंबे समय से हास्य-काव्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा देश-विदेश में अनेक प्रस्तुतियाँ दे चुके हैं। सहज हास्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े उनके लेखन को उनकी विशेष पहचान के रूप में प्रस्तुत किया गया। उनके अनेक साहित्यिक कार्य प्रकाशित हैं तथा उन्हें विभिन्न साहित्यिक एवं अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

        उनकी प्रस्तुति का प्रमुख प्रभाव यह रहा कि हास्य के माध्यम से समारोह में सहजता एवं सकारात्मक वातावरण बना। उनकी प्रस्तुति ने यह भी दर्शाया कि हिंदी के माध्यम से गंभीर सामाजिक एवं दैनिक विषयों को भी मनोरंजक एवं प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया जा सकता है।

        मुख्य अतिथि के संबोधन एवं स्टैंड-अप प्रस्तुति के पश्चात उनका आभार व्यक्त किया गया।

        कार्यक्रम के अंतिम चरण में श्री अरुण कुमार शुक्ला, सहायक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। उन्होंने आयोजन की सफलता में सहयोग देने वाले निदेशक, मुख्य अतिथि, हिंदी पखवाड़ा आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं सभी सदस्यों तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

धन्यवाद प्रस्ताव में सामूहिक प्रयास एवं सहयोग को आयोजन की सफलता का आधार बताया गया।

        समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके साथ रिफॉर्म उत्सव एवं हिंदी दिवस तथा हिंदी पखवाड़ा-2026 के समापन समारोह का विधिवत समापन हुआ।


रिफॉर्म उत्सव-2026 का प्रतिवेदन

1. आयोजन की पृष्ठभूमि- 
भा.कृ.अनु.प.- केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई में वर्ष 2026 में रिफॉर्म उत्सव का आयोजन संस्थान में सुधार एवं सकारात्मक परिवर्तन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। इस पहल के माध्यम से कार्यस्थल पर नवीन सोच, रचनात्मक अभिव्यक्ति, ज्ञान-साझाकरण तथा कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
रिफॉर्म उत्सव को केवल औपचारिक गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए इसमें ऐसी प्रतियोगिताओं को सम्मिलित किया गया, जिनसे प्रतिभागियों की सृजनशीलता, ज्ञान, अभिव्यक्ति तथा त्वरित सोचने की क्षमता को सामने लाया जा सके। इस दृष्टि से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों ने उत्सव को जीवंत एवं सहभागितापूर्ण स्वरूप प्रदान किया।

2. प्रमुख उद्देश्य
रिफॉर्म उत्सव के आयोजन के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित उद्देश्य रहे—
•    कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार एवं सकारात्मक परिवर्तन के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना।
•    अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नए विचारों और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए अवसर उपलब्ध कराना।
•    ज्ञान, कल्पनाशक्ति एवं तार्किक क्षमता को प्रोत्साहित करना।
•    विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पारस्परिक सहभागिता एवं टीम भावना को सुदृढ़ करना।
•    कार्यस्थल को अधिक उत्साहपूर्ण, सकारात्मक एवं सृजनात्मक बनाने में योगदान देना।

3. उत्सव के अंतर्गत प्रमुख कार्यक्रम
रिफॉर्म उत्सव के दौरान साहित्य, सृजनात्मकता और ज्ञान को केंद्र में रखते हुए विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इनमें निम्नलिखित कार्यक्रम विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे—

4. काव्य-पाठ प्रतियोगिता- काव्य-पाठ ने प्रतिभागियों को साहित्य के माध्यम से अपनी भावनाओं और विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर दिया। प्रतिभागियों के वाचन, उच्चारण, भावाभिव्यक्ति तथा प्रस्तुतीकरण ने कार्यक्रम को रोचक बनाया। इस गतिविधि के माध्यम से साहित्यिक रुचि के साथ-साथ मंचीय आत्मविश्वास को भी प्रोत्साहन मिला।
चित्र देखो, कहानी लिखो प्रतियोगिता- इस गतिविधि में एक चित्र को आधार बनाकर प्रतिभागियों को अपनी कल्पना से कहानी विकसित करनी थी। एक ही दृश्य को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखने और उसे मौलिक कथा में परिवर्तित करने की प्रक्रिया ने प्रतिभागियों की अवलोकन क्षमता, कल्पनाशक्ति, लेखन-कौशल तथा मौलिक चिंतन को अभिव्यक्त किया। प्रतियोगिता ने यह भी प्रदर्शित किया कि रचनात्मकता के लिए दृष्टिकोण और कल्पना दोनों का महत्त्व है।
क्विज प्रतियोगिता- क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों की सामान्य जागरूकता, विषयगत जानकारी, स्मरणशक्ति और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखा गया। प्रश्नोत्तरी की प्रक्रिया ने प्रतिभागियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनाया तथा ज्ञानवर्धक सहभागिता को बढ़ावा दिया।
आशुभाषण प्रतियोगिता- आशुभाषण प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को बिना पूर्व तैयारी के दिए गए विषय पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिला। इस गतिविधि में प्रतिभागियों की त्वरित चिंतन क्षमता, विषय की समझ, तार्किक अभिव्यक्ति एवं प्रभावी वक्तृत्व-कौशल का परिचय मिला। प्रतियोगिता ने प्रतिभागियों में आत्मविश्वास तथा तत्काल परिस्थितियों में विचारों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने की क्षमता को प्रोत्साहित किया।


5. आयोजन का प्रभाव
रिफॉर्म उत्सव के माध्यम से संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित कार्यालयीन कार्यों से अलग अपनी रचनात्मक और बौद्धिक क्षमताओं को अभिव्यक्त करने का अवसर मिला। ऐसी गतिविधियों से कर्मचारियों के बीच संवाद एवं सहभागिता बढ़ाने के साथ-साथ कार्यस्थल पर सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिकता की भावना को भी बल मिला।
उत्सव की गतिविधियों से यह स्पष्ट हुआ कि संस्थागत सुधार केवल प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि नई सोच, रचनात्मकता, सहभागिता और सकारात्मक कार्य-संस्कृति भी सुधार की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण अंग हैं।

6. उपसंहार
रिफॉर्म उत्सव-2026 ने संस्थान में सुधार एवं नवाचार की भावना को रचनात्मक गतिविधियों के साथ जोड़ने का कार्य किया। काव्य-पाठ, चित्र देखो-कहानी लिखो तथा क्विज प्रतियोगिता जैसी गतिविधियों ने प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ सीखने, सोचने और एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।
समग्र रूप से रिफॉर्म उत्सव-2026 रचनात्मकता, ज्ञान, सहभागिता और सकारात्मक परिवर्तन की भावना को आगे बढ़ाने वाली सार्थक पहल रहा तथा संस्थान में एक उत्साहपूर्ण एवं सृजनात्मक कार्य-परिवेश के निर्माण में इसका सकारात्मक योगदान रहा।

 

Hindi Pakhwada


 

2026-10-15T12:00:00
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