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भा.कृ.अनु.प.– केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान
ICAR - Central Institute for Research on Cotton Technology

भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई द्वारा रायगढ़ जिले में ‘खेत बचाओ अभियान’ का आयोजन: मृदा स्वास्थ्य एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

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कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1–30 जून 2026 के दौरान चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत, भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (ICAR-CIRCOT), मुंबई ने 15–17 जून 2026 के दौरान महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पेन, रोहा, तला एवं माणगांव तहसीलों के 16 गांवों में व्यापक किसान जागरूकता एवं संपर्क अभियान आयोजित किया।

यह कार्यक्रम आमटेम, तांबडी (खुर्द), तांबडी (बुद्रुक), मेधा, वीरजोली, कुंबेट, घोसाले, गौलवाड़ी, खारी, महालुंगे, तेमघर, खांबेरे, खुटल, कोकबन, गडबाल और होडगांव सहित विभिन्न गांवों में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। अधिकतम किसान सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु कार्यक्रमों का आयोजन ग्राम पंचायत कार्यालयों, सामुदायिक भवनों, मंदिरों तथा किसानों के खेतों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर किया गया।

            इस अभियान के दौरान भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान की टीम ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती की पद्धतियों के महत्व के बारे में जागरूक किया। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के बारे में भी जानकारी दी गई तथा उन्हें नियमित रूप से मिट्टी की जांच कराने और उसके अनुसार उपयुक्त पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने की सलाह दी गई।  

 

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विशेष रूप से धान की खेती के लिए उपयुक्त प्राकृतिक खेती की तकनीकों जैसे बीजामृत, जीवामृत, गौ कृपा अमृत, दशपर्णी अर्क, हरी खाद, फसल चक्र तथा सगुना राइस तकनीक (SRT) आदि के बारे में जागरूकता बढ़ाई गई। इन पद्धतियों को मृदा स्वास्थ्य को सुधारने, रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करने तथा सतत एवं जलवायु-संवेदनशील कृषि को बढ़ावा देने के प्रभावी उपायों के रूप में प्रस्तुत किया गया। 

इस अभियान में लगभग 300 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो सतत कृषि एवं प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

 

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इस अभियान का आयोजन भा.कृ.अनु.प.-केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान की टीम—डॉ. शर्मिला पाटिल, डॉ. ज्योती ढाकणे-लाड  एवं श्री राजेश कदम द्वारा किया गया। कार्यक्रम का प्रभावी समन्वय रोहा के कृषि उद्यमी एवं CIRCOT–RABI से जुड़े श्री राहुल जोशी द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त एटीएमए (ATMA) के अधिकारियों—श्री परमेश्वर गाडे एवं श्री सचिन लोखंडे ने भी इस अभियान के संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

 

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2026-06-19T12:00:00
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