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भा.कृ.अनु.प.– केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान
ICAR - Central Institute for Research on Cotton Technology

भा.कृ.अनु.प.- केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान में पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी होने के अवसर पर लाइव प्रसारण का आयोजन; केंद्रीय मंत्री महोदय ने कपास यंत्रीकरण एवं फसल विविधीकरण पर दिया बल

पीएम किसान सम्मान निधि फोटो 20 जून 2026

           भा.कृ.अनु.प –केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सिरकॉट), मुंबई द्वारा 20 जून 2026 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी होने के अवसर पर भव्य कार्यक्रम एवं लाइव प्रसारण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 425 किसानों एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया और माननीय प्रधानमंत्री द्वारा लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में वित्तीय सहायता राशि के प्रत्यक्ष हस्तांतरण के साक्षी बने।

            इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के माननीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी थे। कार्यक्रम का शुभारंभ भा.कृ.अनु.प –केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एस. के. शुक्ल द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं संस्थान की उपलब्धियों पर संक्षिप्त प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके पश्चात नागपुर, सूरत, सिरसा, रोहा एवं दौंड से ऑनलाइन जुड़े किसानों एवं हितधारकों को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री जी ने अपने विचार व्यक्त किए।

 

पीएम किसान सम्मान निधि फोटो 20 जून 2026

 

पीएम किसान सम्मान निधि फोटो 20 जून 2026

 

           अपने संबोधन में श्री शेखावत जी ने कहा कि स्वतंत्रता के समय खाद्यान्न की कमी से जूझने वाला भारत आज कृषि वैज्ञानिकों एवं किसानों के अथक प्रयासों के कारण खाद्यान्न का शुद्ध निर्यातक देश बन गया है। उन्होंने डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन की ऐतिहासिक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल उत्पादन बढ़ाने की अपेक्षा प्रसंस्करण क्षमता और मूल्य संवर्धन पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

            मंत्री जी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत का ध्यान उच्च मूल्य वाली फसलों तथा द्वितीयक प्रसंस्करण की ओर बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि कपास सहित अनेक फसलों के उत्पादन में भारत विश्व का सबसे बड़ा अथवा दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।

माननीय मंत्री जी ने कहा कि “वर्तमान में धान, गेहूँ, कपास और गन्ना ये चार फसलें भारत के उपलब्ध सिंचाई जल का 85 प्रतिशत से अधिक उपभोग करती हैं।” उन्होंने किसानों से जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने तथा बदलती बाजार आवश्यकताओं के अनुरूप फसल विविधीकरण अपनाने का आग्रह किया।

 

पीएम किसान सम्मान निधि फोटो 20 जून 2026

 

             इसके अतिरिक्त, उन्होंने वैज्ञानिकों से छोटे जोत वाले किसानों के लिए उपयुक्त कपास यंत्रीकरण समाधान विकसित करने तथा यांत्रिक रूप से कटाई की गई कपास के लिए उन्नत कटाई-पश्चात प्रसंस्करण तकनीकों के विकास का आह्वान किया। उन्होंने स्टार्टअप्स एवं अन्य हितधारकों से भी संवाद किया और उन्हें भारत की विकास यात्रा में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

2026-06-22T12:00:00
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