ICAR-CIRCOT का ग्रीन शवदाहगृह

प्रस्तावना: 

कपास के डंठल और अन्य कृषि-बायोमास से बने ब्रिकेट्स का उपयोग करके पर्यावरण के अनुकूल, कुशल और तेजी से जलने वाले शवदाहगृह के लिए समाधान।

प्रौद्योगिकी:

  • 6 छिद्रित पाइपों के माध्यम से कृत्रिम वायु की आपूर्ति करने के प्रावधान वाले एक ट्रेपोज़ॉइडल आकार के शवदाहगृह कक्ष का संकलन
  • 1000 सी.एफ.एम. पंखे के माध्यम से हवा की आपूर्ति
  • शक्ति का स्रोत: एकल चरण 1 एचपी पंखा
  • 3-4 घंटे की अवधि में 200 किलो ब्रिकेट का उपयोग करके दाह संस्कार

मुख्य विशेषताएं

  • किफायती: दाह संस्कार के लिए खर्च में 55%, लगभग 5500 से 2500 रुपये की बचत
  • ईंधन और कपूर की बचत: पारंपरिक श्मशान में उपयोग होने वाले 5 किलो कपूर और 10 लीटर केरोसीन के मुकाबले 2 किलो कपूर की आवश्यकता होती है
  • पर्यावरण के अनुकूल: लगभग 50-60 लाख पेड़ों की बचत, बहुत कम प्रदूषण (CO2, Nox, SO2 प्रदूषण आदि), अक्षय बायोमास का उपयोग, खेतों में बायोमास जलाने से बचाना।
  • समय की बचत: लकड़ी से 6-7 घंटे के दाह संस्कार के निमित्त साढें 3 घंटे की आवश्यकता होती है
  • सभी पारंपरिक, सामाजिक रीति-रिवाजों के निभाने के लिए उपयुक्त
  • बायोमास का उपयोग ब्रिकेटिंग के माध्यम से ग्रामीण रोजगार सृजन और कृषि आय को बढ़ाने के लिए करना
  • आसान संचालन: संचालित करने के लिए बहुत सरल (पारंपरिक लकड़ी आधारित श्मशान के जैसे अच्छा)
  • डीजल, बिजली और सौर जैसे जटिल और महंगे शवदाहगृह तथा लकड़ी के लिए वैकल्पिक साधन

प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण:

पेटेंट दायर किया गया है और प्रौद्योगिकी को 2018 से मेसर्स विदर्भ सेल्स, नागपुर को लाइसेंस दिया गया है।

प्रौद्योगिकी अभीग्रहण:

  • पिछले 20 महीनों से नागपुर के एनएमसी, अंबाझरी घाट पर परिचालन हो रहा है
  • एनएमसी, नागपुर ने प्रमाणित किया कि यह तकनीक श्मशान में 50% से अधिक खर्च बचा रही है
  • नगर निगम, चंद्रपुर (MS) को दो नग बेचे गए हैं
  • कई निगमों ने इन शवदाहगृहो को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है।
  • अंबाझरी घाट, एनएमसी, नागपुर में 200 से अधिक दाह संस्कार सफलतापूर्वक किए गए हैं

संपर्क:

निर्देशक

ICAR-CIRCOT, माटुंगा, मुंबई 400019

वेब: www.circot.icar.gov.in; ईमेल: director.circot@icar.gov.in