भाकृअनुप – केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई (आईसीएआर-सिरकॉट) में विश्व मृदा दिवस 2023 समारोह का आयोजन

भाकृअनुप – केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई द्वारा 5 दिसंबर 2023 को ‘मृदा और जल: जीवन का एक स्रोत’ विषय के तहत विश्व मृदा दिवस मनाया गया।

आईसीएआर-एनबीएआईएम, मऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वी. मगेश्वरन द्वारा ‘मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार के लिए खाद का उपयोग’ पर एक ऑनलाइन व्याख्यान दिया गया। उन्होंने वायवीय कंपोस्टिंग की प्रक्रिया और जैविक खेती में रासायनिक उर्वरकों के उपयोग की तुलना में इसके फायदों  के बारे में ज्ञान वर्धन किया। उन्होंने खाद के आवश्यक गुणवत्ता मापदंडों और खाद की परिपक्वता का आकलन करते समय कार्बन/ नत्र  अनुपात निर्धारित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में, फसल की खेती में 20 से 30% रासायनिक उर्वरकों को कृषि-अवशेषों से तैयार खाद का उपयोग करके प्रतिस्थापित किया जा सकता है।

डॉ. एन. विग्नेश्वरन, प्रधान वैज्ञानिक, आईसीएआर-सिरकॉट, मुंबई ने रसोई के कचरे एवं सूखी पत्तियों में  माइक्रोबियल इनोकुलम का उपयोग करके खाद तैयार करने पर प्रदर्शन की व्यवस्था की।

संस्थान के निदेशक डॉ. एस.के. शुक्ला ने पूरे समाज के लाभ के लिए रासायनिक उर्वरकों के बजाय जैविक उर्वरकों की ओर बदलाव की आवश्यकता बताई। उन्होंने उल्लेख किया कि यद्यपि रासायनिक उर्वरकों ने पिछले सात दशकों से वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए खाद्य उत्पादन बढ़ाने में मदद की है, लेकिन वर्तमान में यह एक संभावित स्वास्थ्य खतरा पैदा करता है। अत: समाज के स्वास्थ्य के  लिए जैविक खेती को अपनाने का यह उचित समय है।’

इस कार्यक्रम में संस्थान के स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।