कपास क्षेत्र के लिए प्रमुख सिफारिशों के साथ 9वीं एसीआरडीएन बैठक और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न

दिनांक 6 दिसंबर 2023 को माननीय डॉ. हिमांशु पाठक, सचिव डेयर और महानिदेशक, भाकृअनुप द्वारा भाकृअनुप – केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई (आईसीएआर-सिरकॉट) में “जीवट और शाश्वत कपास उत्पादन एवं व्यवहार्य मूल्य श्रृंखला के लिए नवाचार” पर 9वीं एशियाई कपास अनुसंधान और विकास नेटवर्क (एसीआरडीएन) बैठक और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। अपने शताब्दी वर्ष (2023-24) समारोह के अवसर पर संस्थान ने इंडियन सोसाइटी फॉर कॉटन इम्प्रूवमेंट (आईएससीआई) मुंबई, इंटरनेशनल कॉटन एडवाइजरी कमिटी (आईसीएसी), वाशिंगटन डीसी, अमेरिका, भाकृअनुप – केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर और इंडियन फाइबर सोसाइटी (आईएफएस) मुंबई के साथ साझेदारी में इस कार्यक्रम की सह-मेजबानी की। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान डॉ. एस. एन. झा, उप महानिदेशक (कृषि अभि.), भाकृअनुप, नई दिल्ली, श्री. सुरेश भाई कोटक, अध्यक्ष, टैग, वस्त्र मंत्रालय, डॉ. सी. डी. माई, भूतपूर्व अध्यक्ष,    एएसआरबी एवं अध्यक्ष, आइएससीआइ और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता रही। नवोन्मेषी किसानों, प्रख्यात शोधकर्ताओं और संकायों को आईसीएआर-सिरकॉट पुरस्कार, आईएससीआई पुरस्कार और आईएससीआई की मानद फेलोशिप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कुल 7 प्रकाशनों का विमोचन किया गया।

एशिया कपास उत्पादन, प्रसंस्करण, खपत और व्यापार का सबसे बडा जोशपूर्ण खंड है। मुंबई में इस 9वीं एसीआरडीएन बैठक और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (06-08 दिसंबर, 2023) में बाजार की कीमतों में आते उतार-चढ़ाव तथा कीट-संबंधी मुद्दों से लेकर टीकाउ कपास व्यापार संबंधी चिंताओं व चुनौतियों का समाधान करने के लिए विश्व स्तर के प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं और हितधारकों कीए सहभागिता रही।  

तीन दिनों की अवधि में कुल चौदह समवर्ती सत्र आयोजित किए गए और सभी प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सभी प्रस्तुतियों और चर्चाओं में भाग लिया। चर्चा के विषय थे; कपास की खेती, कृषि मशीनीकरण, सुनिश्चित खेती, एआई, आईओटी और रोबोटिक्स, कपास की कटाई पश्च प्रसंस्करण, कपास उप-उत्पाद और उपयोग, जलवायु प्रतिरोध क्षमता, मृदा स्वास्थ्य और शाश्वत कपास उत्पादन तथा कपास व्यापार एवं  परीक्षण, प्राप्यता, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सामाजिक-आर्थिकता में नवाचार के सभी पहलू| 

दो पोस्टर सत्र आयोजित किए गए जिनमें कपास से संबंधित अनुसंधानोंपर लगभग 50 पोस्टर प्रदर्शित किए गए। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कपास विशेषज्ञों द्वारा विशेष व्याख्यान और विस्तृत व्याख्यान दिए गए। प्रदर्शनी में आईसीएआर-सिरकॉट आर-एबीआई द्वारा सृजनित तेरह स्टार्ट-अप ने अपने उत्पादों का डेमो-प्रदर्शन-विक्री की।

8 दिसंबर 2023 को, समापन भाषण के दौरान, प्रोफेसर जे. बी. जोशी, पूर्व निदेशक, इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, मुंबई ने मुंबई शहर के केंद्र में इस भव्य कार्यक्रम की सफल व्यवस्था के लिए आईसीएआर-सिरकॉट, मुंबई और अन्य आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने उल्लेख किया कि ‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी ही मानव की प्रमुख धन-संपत्ती है’ और इसका उपयोग पूरे समाज के लाभ के लिए करने हेतु सभी कपास हितधारकों से आग्रह किया। स6स्थान के निदेशक डॉ. एस. के. शुक्ला को अगामी  10 वीं एशियाई कपास अनुसंधान और विकास नेटवर्क (एसीआरडीएन) बैठक के नए अध्यक्ष के रूप में चुना गया। डॉ. मोहम्मद नेगम, अध्यक्ष, आईसीआरए और प्रमुख, कताई अनुसंधान विभाग, सीआरआई, इजिप्त ने डॉ. मिर्जाकामोल अयूबोव, उज्बेकिस्तान और डॉ. मोहम्मद फखरे आलम इब्ने ताबीब, बांग्लादेश की आईसीआरए यंग साइंटिस्ट इनोवेटिव अवार्ड विजेताओं के रूप में घोषणा की।

विभिन्न चर्चाओं से उभरी प्रमुख सिफारिशों में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए रणनीति तैयार करना, कपास के मशीनीकरण के लिए टास्क फोर्स का गठन, भारत में विशेष कपास उगाने के लिए नीति समर्थन, उच्च घनत्व रोपण के लिए उपयुक्त जल्दी परिपक्व होने वाली कपास की किस्म का विकास, संरक्षित कृषि के साथ एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देना, नव विकसित प्रौद्योगिकियों का अन्य पक्ष द्वारा सत्यापन, कपास की खेती में नैनो-अनुप्रयोगोंका आविष-विज्ञान अध्ययन और कपास की खेती में एआई स्मार्ट ट्रैप, ड्रोन, रोबोटिक हार्वेस्टर जैसे एकीकृत सेंसर आधारित अनुप्रयोग शामिल है।

            डॉ. वाई. जी. प्रसाद, निदेशक, आईसीएआर-सीआईसीआर, नागपुर ने कार्यक्रम का औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव दिया। साथ ही डॉ. एस. के. शुक्ला, निदेशक, आईसीएआर- सिरकॉट, मुंबई ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों को उनके समर्पित कार्य और इस भव्य आयोजन के सफल समापन में भागीदारी के लिए विशेष आभार प्रगट किया।