कताई प्रशिक्षण केंद्र , नागपुर द्वारा स्वच्छ्ता पखवाडा (16-31 दिसंबर, 2019) के भाग के रूप में ग्राम अंजी, वर्धा में अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता

 वर्धा जिले के अंजी गाँव में, अपशिष्ट प्रबंधन, जैविक कचरे का उपयोग, कचरे से धन की प्राप्ती, अपशिष्ट पदार्थ से  खाद निर्माण, स्वच्छ और हरित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने और जैविक खेती प्रथाओं पर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। यह कार्यक्रम स्वच्छ्ता पखवाडा (16-31 दिसंबर 2019) और ‘मेरा गाँव मेरा गौरव’ योजना के भाग के रूप में आयोजित किया गया था। ग्राम पंचायत कार्यालय परिसर में हुए कार्यक्रम में गाँव के लगभग 30 किसान शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत क्षेत्र के एक प्रशिद्ध कपास विशेषज्ञ श्री गोविंद वैराले द्वारा स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कम कपास की मात्रा वाले बीज कपास के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए बाजार में ले जाने से पहले गांव में किसानों द्वारा बीज कपास की नमी माप की आवश्यकता के बारे में बताया।

प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एस.वी. घाडग़े ने ब्रिकेट और पेलेट्स को बनाने के लिए कपास के डंठल कचरे का उपयोग करने के महत्व पर प्रकाश डाला जो किसानों को प्रति एकड़ लगभग रु. 500 का अतिरिक्त पारिश्रमिक प्राप्त करवां सकता है। ।

डॉ. शेषराव कौटकर, वैज्ञानिक, जी.टी.सी. ने किसानों के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं और स्वच्छता और हरित प्रौद्योगिकियों के महत्व के बारे में जानकारी दी।

श्री.  यू.डी. देविकर, सहायक मुख्य तकनीकी अधीकारी ने किसानों के लाभ के लिए जी.टी.सी. के विभिन्न प्रशिक्षण और परीक्षण गतिविधियों पर प्रकाश डाला,  और किसानों से प्रायोजन के लिए आत्मा नामक संस्था (ATMA) से संपर्क करने का आग्रह किया।

बाद में टीम ने वर्धा में आत्मा नामक संस्था (ATMA) के कार्यालय का दौरा किया और परियोजना निदेशक डॉ. (श्रीमती) मानकर से मुलाकात की और किसानों के लाभ के लिए जी.टी.सी. नागपुर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में चर्चा की। टीम ने जैविक सब्जी संग्रह और आपूर्ति केंद्र, रेहाकी, वर्धा के किसान उद्यमियों के साथ भी बातचीत की और व्यवस्थित रूप से उगाई गई सब्जियों की आपूर्ति के लिए उपयुक्त पैकेजिंग के बारे में सुझाव दिया।

अंत में, वर्धा के संसद सदस्य माननीय श्री रामदास तदास के साथ संक्षिप्त ठहराव बैठक के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस बैठक में, इस क्षेत्र में कपास की खेती पर विभिन्न मुद्दों और किसानों द्वारा बाजार में सही मूल्य प्राप्त करने के लिए बीज कपास नमी के माप का महत्व, जिसके लिए सांसद ने जिले के चयनित गांवों में नमी मीटर की खरीद और आपूर्ति के लिए मदद का वादा किया ।

टीम ने सेवाग्राम में गांधी आश्रम का भी दौरा किया और गांधी जी के विचारों और स्वच्छता के बारे में शिक्षा, स्वास्थ्य, जैविक भोजन, कताई और खादी, आदि के बारे में सीखा।