आइसीएआर-सिरकॉट, मुंबई व मैसर्स फोरकास्ट एग्रोटेक इनोवेशन प्रा. लि. पुणे के बीच रॉक फॉस्फेट नैनोफॉर्म्यूलेशन के विकास हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर!

डॉ. एस.के. शुक्ला, निदेशक, भा.कृ.अनु.प. – केंद्रीय कापूस तंत्रज्ञान संशोधन संस्था, मुंबई ने फॉस्फेट समृद्ध जैविक खाद (पीआरओएम) बनाने हेतु रॉक फॉस्फेट के नैनोफॉर्म्यूलेशन के विकास और आवश्यक क्षेत्र परीक्षण करने के लिए मैसर्स फोरकास्ट एग्रोटेक इनोवेशन प्रा. लिमिटेड, पुणे के साथ दि. 2 नवंबर 2023 को  समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

मैसर्स फोरकास्ट एग्रोटेक इनोवेशन प्रा. लिमिटेड, पुणे कृषि और पशुधन उद्योग में महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने के लिए नवीनतम उत्पादों की श्रृंखला प्रदान करता है। उनके द्वारा विकसित शाश्वत और पर्यावरण-स्नेही तकनिकियां विविध व्यवसायों और किसानों की जरूरतों को पूरा करती हैं और वे कुशल उपायों से कृषि और पशुधन उद्योग में क्रांति लाने के लिए समर्पित हैं। गाय के गोबर से जैव घोल और फॉस्फेट प्रचूर जैविक खाद जैसे मूल्यवान उत्पाद प्राप्त करने के विधियों के साथ स्थायी कृषि अपशिष्ट प्रबंधन में योगदान दे रहे हैं।

रॉक फॉस्फेट डीएपी और एनपीके उर्वरकों के लिए प्रमुख कच्चा माल है और भारत इसके लिए 90% आयात पर निर्भर है। अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में अस्थिरता उर्वरकों की घरेलू कीमतों को प्रभावित करती है और देश में कृषि क्षेत्र की प्रगति और विकास में बाधा डालती है।

इस समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य रॉक फॉस्फेट की प्रभावकारिता को बढ़ाने के लिए नैनोटेक्नोलॉजिकल हस्तक्षेप है। नैनोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दो दशकों का अनुभव रखने वाले आइसीएआर-सिरकॉट संस्थान न्युनतम आकार के कण बनाने और सुक्ष्मजिवीय इनोकुलम के उपयोग के माध्यम से रॉक फॉस्फेट की प्रभावकारिता को बढ़ाने के लिए योगदान देने वाला है।

एमओयू हस्ताक्षर समारोह में प्रौद्योगिकी के नवप्रवर्तक डॉ. ए. के. भारीमल्ला, डॉ. एन. विग्नेश्वरन, डॉ. एम. के. महावर, डॉ. ज्योति ढाकणे-लाड, डॉ. शर्मिला पाटील और डॉ. सुजाता सक्सेना उपस्थित थे।