आइसीएआर-सिरकॉट, मुंबई द्वारा नैनोप्रौद्योगिकी पर आईसीएआर लघु पाठ्यक्रम कार्यक्रम संपन्न

भा.कृ.अनु.प. – केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई द्वारा 29 जनवरी से 08 फरवरी, 2024 के दौरान “कृषि में नैनोप्रौद्योगिकी के आधुनिक अनुप्रयोगों पर 10 दिवसीय लघु पाठ्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित था।

8 फरवरी 2024 को आयोजित समापन सत्र के दौरान, प्रधान वैज्ञानिक और पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. एन. विग्नेश्वरन ने लघु पाठ्यक्रम पर एक संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें पूरे कार्यक्रम में आयोजित व्याख्यान, व्यावहारिक अभ्यास, अभ्यास दौरे और विषय चर्चा का समावेश था।

डॉ. एस.के. शुक्ला, निदेशक, आइसीएआर-सिरकॉट, मुंबईने अपने समापन भाषण में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नैनो-आधारित प्रौद्योगिकियों को सफलतापूर्वक अपनाने के लिए के लिए अनुसंधानात्मक सहयोगी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि प्रशिक्षण आपसी सीखने का अवसर प्रदान करता है, जिससे प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं दोनों का ज्ञान समृद्ध होता है। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक एक विकसित देश का दर्जा हासिल करने के लिए, नैनो टेक्नोलॉजी जैसे अनुसंधान के उभरते क्षेत्रों पर जोर देने की आवश्यकता है। अध्ययन के इन उन्नत क्षेत्रों के एकीकरण को शोधकर्ताओं, शिक्षण संकायों और छात्रों के बीच सहयोग के माध्यम से सुविधापूर्ण बनाया जाना चाहिए, जिसका लक्ष्य समाज की समग्र बेहतरी हो। तत्पश्चात, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. ए. अर्पुथराज ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

इस 10 दिवसीय लघु पाठ्यक्रम में नैनोमटेरियल के संश्लेषण, विभिन्न लक्षण वर्णन तकनीकों, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में नैनोप्रौद्योगिकिय अनुप्रयोग विधियों, फलों और सब्जियों की पैकेजिंग, सूती वस्त्रों की फिनिशिंग, जैव-नैनोकम्पोजिट का उत्पादन और घाव का मरहम / ड्रेसिंग, पर्यावरण प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों को शामिल किया गया।  प्रशिक्षुओं द्वारा स्वयं द्वारा व्यावहारिक अभ्यास करने पर विशेष जोर दिया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के विभिन्न अनुसंधान संगठनों और विश्वविद्यालयों के कुल 17 वैज्ञानिकों और अध्यापकों ने भाग लिया, जिनमें से 9 महिलाएं थीं।